अपनी वाणी में ओ३म् रख प्राणी
अपनी वाणी में ओ३म् रख प्राणी
पा ले जीवन में सुख ही सुख प्राणी
बोलने से पहले जो तोलेगा
कोई तुझसे बुरा न बोलेगा
नित्य पायेगा जग में यश प्राणी
पा ले जीवन में सुख ही सुख प्राणी
अपनी वाणी में ओ३म् रख प्राणी
ओ३म् को जिस घड़ी विसारेगा
जीती जीवन की बाजी हारेगा
हर घड़ी दु:ख ही होगा दु:ख प्राणी
पा ले जीवन में सुख ही सुख प्राणी
अपनी वाणी में ओ३म् रख प्राणी
ओ३म् का फल है “रूप” सुखदाता
जो भी जपता खुशी से भर जाता
मोक्ष आनन्द तू भी चख प्राणी
पा ले जीवन में सुख ही सुख प्राणी
अपनी वाणी में ओ३म् रख प्राणी
पा ले जीवन में सुख ही सुख प्राणी
अपनी वाणी में ओ३म् रख प्राणी










