अपनी दया का भगवान
अपनी दया का भगवान,
वरदान हमको दे दो
जग जाये ज्योति मन में,
वह ज्ञान हमको दे दो।।
सुनते रहे सदा ही हम,
दूसरों की निन्दा गुण
तेरा सुन सके जो,
वो कान हमको दे दो।।
बुद्धि मलीन इतनी,
कर्तव्य भूल बैठे जग
में बुरे भले की पहचान
हमको दे दो।।
आवागमन के कब तक,
चक्कर में हम रहेंगे
मुक्ति का कुछ तो दाता,
सोपान हमको दे दो।।
छायी हुई है देखो,
चहुं आर अब उदासी
फूलों सी मीठी मुख पे
मुस्कान हमको दे दो।।
दुनियां से जो भगा दे,
अज्ञान की घटायें
दयानन्द जैमिनी से
विद्वान् हमको दे दो।।
नगमे मधुर जहां में
यूं तो अनेकों गाये
भक्ति का रंग छाये,
वह गान हमको दे दो।।










