अपने प्रिय मेहमां का अभिनन्दन करते हैं।

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अपने प्रिय मेहमां का अभिनन्दन करते हैं।

अपने प्रिय मेहमां का,
अभिनन्दन करते हैं।
पुलकित हर्षित मन से,
हम वन्दन करते हैं ।।

हर गुल है रोशन,
हर कली है मुसकाई।
कोयल की तान छिड़े,
गुलशन में बहार आई ।।

राहत के कामों में,
मेहनत के उपासक हैं ।।
सुलझे हुए इंसा हैं,
जन हृदय के शासक हैं।

हर फूल की खुशबू को,
हम अर्पण करते हैं।
हम आपके स्वागत में,
मंगलाचरण करते हैं।।

जनहित के सजग प्रहरी,
मेहमान हमारे हैं।
इस अवसर पर हम
इनका अभिनन्दन करते हैं ।।

अपने प्रिय मेहमां का,
अभिनन्दन करते हैं।
पुलकित हर्षित मन से
हम वन्दन करते हैं ।।