आंखें खोल बोल महामाया
आंखें खोल बोल महामाया,
देख ले तेरा साजन आया,
जीत कर लड़ाई को।। टेक ।।
किसने झूठ बहकाई बेटी
हारा तेरा पिया नहीं,
क्षात्र धर्म के विरुद्ध युद्ध में
उसने कार्य किया नहीं,
दुश्मन को अवसर दिया नहीं,
जो आया सन्मुख जिया नहीं,
भाग बचाकर प्राण गये,
शत्रु सारे जान गये,
खुदा की खुदाई को।।1।।
तेरे पति ने जाते ही
दुश्मन के रंग में भंग किया,
बहादुरी से डटा युद्ध में
दुश्मन को तंग किया,
दिन रात वीर ने जंग किया,
और लाल जमी का रंग किया,
शत्रु को पामाल किया,
युद्ध में कमाल किया,
धन्य वीर ताई को।।2।।
आंखें खोल बोल महामाया
कुल के धब्बा लावे ना,
होकर के बेहोश लाडली
मेरा दूध लजावे ना,
मुझको अधिक रुलावे ना,
दुश्मन दल को हंसावे ना,
मजा ना लोग हंसाई में,
शोभाराम कविताई में,
लिख देगा तेरी बुराई को।।3।।










