अजब तेरी कारीगरी रे करतार -2

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कृतज्ञता

अजब तेरी कारीगरी रे करतार -2
समझ में न आये माया तेरी, बदले रंग हजार,
अजब तेरी कारीगरी है करतार।

देने वाले तूने यह घर, खुशियों से भर डाला।
तेरी दया ने पल में दाता, क्या से क्या कर डाला।
तू सबसे बड़ा है दानी, तेरी महिमा किसी ने न जानी,
जग सोच-सोच गया हार।
अजब तेरी कारीगरी है करतार।

छोटा सा संसार हमारा, स्वर्ग बनाये रखना-2
इस बगिया में सदा खुशी के फूल खिलाये रखना।
चाहे राजा हो या भिखारी, तूने विपदा सबकी टाली,
अरे वाह रे पालन हार।

अजब तेरी कारीगरी है करतार।

सुविचार

आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः
हमें सब ओर से श्रेष्ठ विचारों की प्राप्ति हो।