ऐसी कृपा करो भगवान
ऐसी कृपा करो भगवान,
हर पल रहे तुम्हारा ध्यान करें
जगत के सारे धन्धे,
पर धन्धों के पड़े न फन्दे
जीवन खिले कमल समान।
ऐसी…..
गुण अपनावें अवगुण छोड़े,
झूठ कपट छल से मुख मोड़े करें
तुम्हारा ही गुणगान।
ऐसी……..
हे जगदीश्वर, अन्तर्यामी,
हम सब सेवक तुम हो
स्वामी मांग रहे है तुमसे ज्ञान।
ऐसी……..










