आपस में मेल रखो रहना तुम प्यार से।
आपस में मेल रखो रहना तुम प्यार से।
होता नुकसान भारी झगड़े तकरार से ।।
जिस घर परिवार के अन्दर मिलकर
रहते भाई सास बहु ना लड़े
कभी ना लड़ती चाची ताई ना
करते कभी लड़ाई…
फिर मिलती सदा भलाई कठिनाई
टल जाती है सारे परिवार से….।।१।।
जिसका मेल मिलाप आपसी
वही तरक्की करता और कदम
अगाड़ी घरता।
जिस घर गांव का एक्का होता,
उससे सब जग डरता – कोई आगे-२
फिरता गिरता ना गेरे से वह
सारे संसार से…..।।२।।
एक बुहारी मिलकर सारी
वजन डिगा सकती वह जोर
दिखा सकती है।
एक सीख ना एक छटंकी को
सरका सकती है ना उसे
हिला सकती है….
रोटी ना खा सकते हैं
एक दांत जाड़ से….










