“आओ टंकारा चलना है”
“आ ओ टंकारा चलना है”
आ ओ टंकारा चलना है,
चलना है जी हमें चलना है।
टंकारा धाम में चलना है,
गुरु जन्मभूमि में चलना है।।टेक।। आओ..
मुल शंकर का जहां जन्म हुआ,
खेला कूदा और बड़ा हुआ।
जहां मात-पिता का प्यार मिला,
जन्मोत्सव में हमें चलना है।।१।। आओ..
दोसौ वा जन्म दिवस आया,
आर्यों में खुशियां भर लाया।
जिनसे सब कुछ हमने पाया,
उनके उत्सव में चलना है।।२।। आओ..
पद यात्रा कर के आएंगे,
कोई साइकिल से ही आएंगे।
कोई रेल-जहाज से आएंगे,
कैसे भी हमको चलना है।। ३।। आओ..
“टंकारा स्नातक” का कहना,
ये अवसर चूक नहीं जाना।
हमें वेद “धर्म ” को धरना है,
हमको टंकारा चलना है।। ४।। आओ..










