भक्ति
आओ जगदीश्वर गुण गाओ।
मानव-जीवन सफल बनाओ।।
वश में कर लो मन चंचल को।
त्यागो द्वेष-भाव छल-बल को।।
सात्विक बुद्धि विवेक बढ़ाओ।
आओ जगदीश्वर गुण गाओ।।1।।
वेदों की शिक्षा चित्त धरिये।
यम-नियमों का पालन करिये ।।
सब मिल सन्ध्या-हवन रचाओ।
आओ जगदीश्वर गुण गाओ।।2।।
निज कर्त्तव्य-विमुख मत होना।
अपयश-भार न सिर पर ढोना।।
जग में उज्ज्वल कीर्ति कमाओ।
आओ जगदीश्वर गुण गाओ।।3।।
चहुँ दिशि ज्ञान-प्रकाश पसारो।
असत् अविद्या-तम संहारो ।।
दुर्गुण पातक पुञ्ज जलाओ।
आओ जगदीश्वर गुण गाओ।।4।।










