आजकल तो लड़की लड़के फिर रहे सब फड़के फड़के।

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आजकल तो लड़की लड़के फिर रहे सब फड़के फड़के। (ओ भैया रे गजब हो गया)

आजकल तो लड़की लड़के
फिर रहे सब फड़के फड़के।
बेटी बेटे पोती पोते धर्म से
कर गये किनारा रे।। टेक।

देखो हाल नारी नर का
एक सा फैशन है सबका।
योरूप वाला कटिंग करावें
लम्बे बाल बदन हल्का।
तेल भी नहीं लगाते हैं
सूखें बाल उलझाते हैं।
लम्बी तीखी कलम कटाकर
पासंग सो बन जाते हैं।
चोटी को एरियल बतलावें
नहीं जनेऊ प्यारा रे, ओ भैया। ।1।।

माता को कहते हैं मदर
दादा को कहें फादर,
मां को मम्मी, बाप को
डैडी भ्राता को कहते हैं ब्रादर,
दादी को कहै ग्रांड मदर
दादा को कहें ग्रांड फादर,
चाची को आंटी बहिन को
सिस्टर ताऊ को अंकल घर क्वाटर।
बैंक फास्ट लन्च डीनर
नाम से भोजन जाये पुकारा, रे।।2।।

अध्यापक हो गये मास्टर
गुरू आज बन गये टीचर,
पानी को वाटर बेटी को डॉटर
महाशय को कहें मान सुअर,
नकली बाबू नकली टर
नकली कुनबा नकली घर।
प्रेमी सब कुछ भूल गये,
नकली हुआ कुनबा सारा रे,।।3।।