आदमी में अगर आदमी की तरह, आदमियत न आए तो वो क्या करे?
आदमी में अगर आदमी की तरह,
आदमियत न आए तो वो क्या करे?
देने वाले ने दुनिया की हर चीज दी,
पाने वाला न पाए तो वो क्या करे ?
अक्ल दी शक्ल दी और दिया सब जहाँ,
देने वाले ने दी सबको जुबाँ,
हर तरीका दिया हर सलीका दिया,
समझ तू जो न पाए तो वो क्या करे ?
तुझको जीना मिला सबका उपकार कर,
यह है हीरा जन्म न तू बरबाद कर,
जरें-जरें में वो है समाया हुआ,
देख जो तू न पाए तो वो क्या करे ?
पाने वाले ने पाया अगर कुछ नहीं।
देने वाले ने रखी कसर कुछ नहीं।
उसने हाथों में दी तेरे शक्ति कर्म,
कर्म तू न कमाए तो वो क्या करे ?










