आर्य समाज भजनसभी लेख आदि सृष्टि से यह सब कुछ हो रहा है By Arya Samaj - July 1, 2025 0 8 FacebookTwitterPinterestWhatsApp आदि सृष्टि से यह सब कुछ हो रहा है आदि सृष्टि से यह सब कुछ हो रहा है,भाग का चिर भार मानव ढो रहा है। बस इसे ही जिन्दगी या खेल कह लो,आदमी कुछ पा रहा कुछ खो रहा है।। Curent posts: हम तेरे उपासक माँग रहे पांच पांच गर्भपातों की मारी प्रभु भजन मोरे मन भायो रे जो घर,घर ही हो वह ज्ञान साधन है शिक्षित ज्ञानी का सब मिल कर हवन करें ज्ञान की जोत मन में जगा दो प्रभो। जैसा दयानन्द था दया का फरिश्ता आँख मिचोनी झूठ का अब बन्द होना खेल चाहिये। आशिक जो शराब की प्याली के