ऋषिवर दयानन्द का, संदेश सुनाने आया हूँ।
ऋषिवर दयानन्द का,
संदेश सुनाने आया हूँ।
जागो जागो आर्य वीरों,
तुम्हें जगाने आया हूँ।।
सदियों से सोते भारत को,
ऋषि ने आन जगाया था।
गुण गौरव सब भूल चुके थे,
फिर से याद दिलाया था।
वेदों के प्रचार हेतु,
यह आर्य समाज बनाया था।
पाखण्ड खण्डनी ध्वजा फहराकर,
वैदिक नाद गुँजाया था।
ऋषि दयानन्द के भक्तों को,
फिर याद दिलाने आया हूँ।।1।।
जागो जागो आर्य वीरो, तुम्हें…….
जग को बतला दो ईश्वर का,
होता नहीं कोई अवतार।
नसनाड़ी बन्धन से न्यारा,
रूप रंग न कोई आकार।
जन्म मरण से रहित प्रभु है,
कभी न आता तन को धार।
मात-पिता नहीं पत्नी उसके,
पुत्र पौत्र न कोई परिवार।
भूले भटके भ्रमित जनों को,
राह दिखाने आया हूँ।।2।।
जागो जागो आर्य वीरो, तुम्हें……
मंदिर मस्जिद अरु गिरजे में,
नहीं ईश्वर का डेरा।
पुरी, द्वारिका, रामेश्वर, काशी,
मथुरा में जा हेरा।
भक्ति भाव से खूब लगाया,
सकल तीर्थों का फेरा।
हुए न दर्शन कहीं प्रभु के,
ढूंढ़ लिया जग बहुतेरा।
सर्वज्ञ, सर्वव्यापी प्रभु घट में,
यह समझाने आया हूँ।।3।।
जागो जागो आर्य वीरो, तुम्हें…….
निराकर प्रभु की उपासना,
भूल गया यह संसार।
सन्ध्या या सावित्री तजकर,
जड़ पूजा करते नर-नार।
हाथों से भगवान् बनाकर,
बेच रहे हैं सरे बाजार।
लगे स्वार्थी जन यहाँ करने,
ईश्वर भक्ति का व्यापार।
मन मंदिर में ईश भक्ति की,
ज्योति जगाने आया हूँ।।4।।
जागो जागो आर्य वीरो, तुम्हें……
जीवित माता-पिता अरु गुरुजन,
सभी पितर हैं कहलाते।
श्रद्धा से भोजन दो इनको,
यही शास्त्र हैं समझाते।
जीवित पितर को न पानी पाते,
मरे पै भोजन पहुँचाते।
जीते दंगा मरे पै गंगा,
लोग कहावत हैं गाते।
घोर अवैदिक मृतक श्राद्ध को,
बन्द कराने आया हूँ।।5।।
जागो जागो आर्य वीरो,
तुम्हें ब्राह्मण, क्षत्रिय,वैश्य, शूद्र की,
कर्मों से होती पहचान।
गुण कर्मों से वर्ण व्यवस्था,
वेद शास्त्र में लिखा विधान।
जन्म जाति से ऊँच-नीच नहीं,
छोड़ें यह मिथ्या अभिमान।
कल्याण वैदिक वाणी का,
जन जन में भर दो शुभ ज्ञान।
छुआ-छूत अरु भेद-भाव का,
भूत भगाने आया हूँ।।6।।
जागो जागो आर्य वीरो,
तुम्हें उगे वेद का सूर्य,
भगे अज्ञान निशा की अंधियारी।
अभय सदा हो पल्लवित पुलकित,
ऋषि-मुनियोंकी फुलवाड़ी।
जगत् गुरु भारत बने,
फिर से यह दुनिया सारी।
हो जाए हर भारतवासी,
मातृभूमि पै बलिहारी।
सकल विश्व में पावन वैदिक,
नाद गुँजाने आया हूँ।।7।।
जागो जागो आर्य वीरो, तुम्हें……..










