जगत में चिन्ता मिटी उसी की, जो तेरे चरणों में आ चुके हैं।

0
225

आस्था

जगत में चिन्ता मिटी उसी की,
जो तेरे चरणों में आ चुके हैं।
वही हमेशा हरे भरे हैं,
जो तेरे चरणों में आ चुके हैं।।

ना पाया तुझको वजीर बनकर,
ना पाया तुझको फकीर बन कर।
उन्हीं को दर्शन हुए हैं तेरे,
जो तेरे चरणों में आ चुके हैं।।

ना पाया तुझको किसी ने बल से,
ना पाया तुझको किसी ने छल से।
वही परम पद को पा गए हैं,
जो तेरे चरणों में आ चुके हैं।।

किसी ने जग में करी भलाई,
किसी ने जग में करी बुराई।
वही सुमारग पर चल पड़े हैं,
जो तेरे चरणों में आ चुके हैं।।

प्रभु जी विनती सुनो हमारी,
बनाओ बिगड़ी दशा हमारी।
निराश्रितों के हो आसरा तुम,
तुम्हारे चरणों में आ चुके हैं।।

जगत में चिन्ता मिटी उसी की,
जो तेरे चरणों में आ चुके हैं।
वही हमेशा हरे भरे हैं,
जो तेरे चरणों में आ चुके हैं।।