ईश्वर तेरी महिमा
ईश्वर तेरी महिमा का न पाया पारावार है।
तू ही है निर्माता जग का, तू ही सर्वाधार है।।
रंग-बिरंगे फूलों में तो तेरी खुशबू आ रही,
तेरी खुशबू आ रही।
हरियाली पत्तों की सबके मन को है हरषा रही,
मन को है हरषा रही।
पत्ता-पत्ता डाली-डाली का तू ही आधार है।
ईश्वर…..
सूर्य-चाँद-पृथ्वी-नभ-तारे करें इशारा आपका,
पर्वत-जंगल-नदियों में सौन्दर्य है भगवान् आपका,
सौन्दर्य है भगवान् आपका ।
प्रातः-सायं पक्षी गाते, अद्भुत यह संसार है।।
ईश्वर….
नर तन-सा अनमोल रत्न, यह देन तेरी भगवान् है,
यह देन तेरी भगवान् है।
सत्पथ से विचलित होकर, ठोकर खाता इन्सान है,
ठोकर खाता इन्सान है।
























