समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए योग्य पुरोहितों का निर्माण
महाराष्ट्र आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा, आर्य समाज परली वैजनाथ के सहयोग से राज्यस्तरीय पुरोहित प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर रविवार 28 जून 2026 से शनिवार 04 जुलाई 2026 तक श्रद्धानंद गुरुकुल आश्रम, परली में आयोजित होगा।
यह आयोजन अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी वर्ष के अवसर पर किया जा रहा है। शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में योग्य, विद्वान और संस्कारक्षम पुरोहितों का निर्माण करना है, जो वैदिक संस्कारों का शुद्ध, सरल एवं वैज्ञानिक स्वरूप समाज तक पहुँचा सकें।
योग्य पुरोहितों की आवश्यकता
समाज और राष्ट्र के नव-निर्माण में पुरोहितों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सामान्य जन पुरोहित, गुरु और आचार्य को ईश्वर का प्रतिनिधि मानते हैं तथा उनके विचारों और आचरण का अनुसरण करते हैं।
वर्तमान समय में वैदिक संस्कारों को सम्पन्न कराने वाले योग्य पुरोहितों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इसके कारण विवाह, नामकरण, अन्त्येष्टि तथा अन्य वैदिक संस्कारों का आयोजन अनेक स्थानों पर कठिन हो गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है।
शिविर में क्या सिखाया जाएगा?
शिविर में प्रतिदिन प्रातः 4:30 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के प्रमुख विषय निम्नलिखित हैं:
- योगासन एवं प्राणायाम
- बृहद् यज्ञ विधि
- 16 वैदिक संस्कार
- नित्य एवं नैमित्तिक कर्म
- शुद्ध मंत्रोच्चार
- प्रवचन कला
- भजन प्रशिक्षण
- वैदिक सिद्धांतों का अध्ययन एवं अभ्यास
प्रमुख मार्गदर्शक एवं विद्वान
प्रमुख मार्गदर्शक
- पं. राजबीरजी शास्त्री (सोलापुर)
भजनोपदेशक
- पं. प्रतापसिंहजी चौहान
सह-मार्गदर्शक
- आचार्य सत्येंद्रजी
- पं. प्रशांतकुमार शास्त्री
- पं. लक्ष्मण आर्य गुरुजी
- पं. अनिल आर्य
- डॉ. बीरेंद्रजी शास्त्री
- डॉ. अरुण चव्हाण
- डॉ. नयनकुमार आचार्य
- पं. दयानंद शास्त्री
योगासन एवं प्राणायाम प्रशिक्षण
- स्वामी विद्यानंदजी
- काशीनाथ आर्य (योग शिक्षक)
- सोमेंद्र शास्त्री
प्रशिक्षणार्थियों के लिए विशेष निर्देश
1. प्रवेश शुल्क: ₹700/- प्रति प्रशिक्षणार्थी
2. नियमों का पालन: सभी प्रशिक्षणार्थियों को शिविर के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
3. महिला प्रशिक्षणार्थियों के लिए व्यवस्था: महिलाओं के निवास की स्वतंत्र व्यवस्था की गई है।
4. साथ लाने योग्य सामग्री:
- ऋतु के अनुसार वस्त्र
- ओढ़ना-बिछौना
- थाली
- लोटा
- कॉपी
- पेन
- महर्षि दयानंद कृत ‘संस्कारविधि’ ग्रंथ
5. कीमती वस्तुएँ साथ न लाएँ।
महाराष्ट्र आर्य प्रतिनिधि सभा के पदाधिकारी
- स्वामी विद्यानंद लखमसी बेलानी
- लखमसी बेलानी – कार्यकारी प्रधान
- प्रा. अर्जुनराव सोमवंशी – मंत्री
- रंगनाथ तिवारी – कोषाध्यक्ष
- राजबीर शास्त्री – शिविर प्रमुख
- जुगलकिशोर लोहिया – प्रधान
- उग्रसेन राठौर – मंत्री
- देविदास काबरे – कोषाध्यक्ष
संपर्क सूत्र
संयोजक
पं. लक्ष्मण आर्य गुरुजी
📞 9420269924
वेदप्रचार अधिष्ठाता
डॉ. नयनकुमार आचार्य
📞 9420330178
निष्कर्ष
यह राज्यस्तरीय पुरोहित प्रशिक्षण शिविर वैदिक संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण के लिए समर्पित एक महत्वपूर्ण पहल है। शिविर में भाग लेने वाले प्रशिक्षणार्थियों को वैदिक ज्ञान, यज्ञ-विधि, संस्कारों और आध्यात्मिक जीवन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे वे समाज में एक आदर्श एवं योग्य पुरोहित के रूप में अपनी भूमिका निभा सकेंगे।
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