हे परमेश्वर दया करो।
हे परमेश्वर दया करो।
सब के सारे कष्ट हरो।
१. सभी जगह दरबार है तेरा।
खुला हुआ भण्डार है तेरा।
ख़ाली दामन सब के भरो।
हे परमेश्वर दया करो ।……..
२. हम सब तेरी शरण में आए।
हाथ जोड़ कर शीश झुकाए।
निज करुणा का हाथ धरो।
हे परमेश्वर दया करो ।………
३. बैठे हैं सब आस लगा के ।
मन के मन्दिर स्वच्छ बना के।
हर मन मन्दिर में विचरो।
हे परमेश्वर दया करो ।……..
४. जग के पालनहार तुम्हीं हो।
सब के प्राणाधार तुम्हीं हो।
तन मन जीवन में उतरो।
हे परमेश्वर दया करो।…
५. जब विषयों की लू चलती है।
तब मानस की भू जलती है।
प्यार के बादल बन के झरो।
हे परमेश्वर दया करो ।……..
६. अब तो मन की चाह यही है।
भरा हुआ उत्साह यही है।
इक पल भी न ‘पथिक’ बिसरो।
हे परमेश्वर दया करो ……..










