हज़ारों हाथों वाले हमको भरोसा प्रभु तेरा।
(तर्ज – सुनो रे प्यारे भाई प्रभु के भरोसे हाँको गाड़ी)
- हज़ारों हाथों वाले हमको भरोसा प्रभु तेरा।
तूफानों ने घेर लिया है चारों ओर अन्धेरा।
हम को भरोसा प्रभु तेरा…..
१. पास हमारे हीरे मोती है अनमोल ख़जाना।
दाएँ बाएँ जंगल झाड़ी न कोई ठौर ठिकाना।
धाक लगाए छुप कर बैठा पग पग पे चोर लुटेरा।
हम को भरोसा प्रभु तेरा…..
२. नील गगन पे उमड़ पड़ी हैं ये घनघोर घटाएँ।
रात अन्धेरी लम्बी राहें मन्ज़िल कैसे पाएँ।
न कोई दीपक न कोई तारा है काफ़ी दूर सवेरा।
हम को भरोसा प्रभु तेरा…..
३. दीन जनों के तुम रखवाले असहायों के सहाई।
हमने तेरे द्वार पे आके अब तो आस लगाई।
‘पथिक’ करो इस मन मन्दिर में हे नाथ आन बसेरा ।
हम को भरोसा प्रभु तेरा…..










