जब प्रभु तेरे चरणों में सर झुक गया
जब प्रभु तेरे चरणों में सर झुक गया,
फिर जमाने की मुझको तो चिंता नहीं।
सारी दुनिया भले साथ दे या न दे,
आसरा तेरा है कोई चिंता नहीं।।
सैकड़ों संगी साथी मिले राह में,
कोई पहले गया कोई पीछे गया।
साथ सच्चा प्रभु जब तेरा मिल गया,
झूठी जग की तसल्ली की चिंता नहीं।।
सारे सुख दुख के सर पर जो मेरे रहे,
मैं समझता सब कर्मों का खेल है।
दुख को सहने की शक्ति प्रभु तूने दी,
कष्ट आते रहे कोई चिंता नहीं।।
लाख आंधी चले लाख तूफान उठे,
घोर अंधकार ने मुझको घेरा भले।
ज्ञान ज्योति प्रभु जो तेरी मिल गई,
आंधियां हम लाख आए तो चिंता नहीं।।










