हे प्रभु ! हम तुमसे वर पावें |

0
8

हे प्रभु ! हम तुमसे वर पावें |

हे प्रभु ! हम तुमसे वर पावें |
अखिल विश्व को आर्य बनावें ||
फलें सुख – संपत्ति फैलावें,
आप बढ़ें प्रिय राष्ट्र बढ़ावें |
वैर विघ्न को मार मिटावें,
प्रीति – नीति की रीति चलावें ||
हे प्रभु ! हम तुमसे वर पावें |

अखिल विश्व को आर्य बनावें ||