फूलों से तुम हँसना सीखो
फूलों से तुम हँसना सीखो,
भँवरों से तुम गाना |
सूरज की किरणों से सीखो,
जागना और जगाना |
धुएँ से तुम सारे सीखो,
ऊँची मंजिल जाना |
वायु के झोंको से सीखो,
हरकत में ले आना |
वृक्षों की डाली से सीखो,
फल पाकर झुक जाना |
मेहंदी के पत्तों से सीखो,
पिस पिस रंग चढ़ाना |
पत्ते और पेड़ों से सीखो,
दुःख में धीर बंधाना |
धागे और सुई से सीखो,
बिछुड़े गले लगाना |
मुर्गों की बोली से सीखो,
प्रातः प्रभु गुण गाना |
पानी की मछली से सीखो,
धर्म के हित मर जाना |










