हे बल के पुत्र, प्रभु इष्टकारी

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हे बल के पुत्र, प्रभु इष्टकारी

हे बल के पुत्र, प्रभु इष्टकारी
हमको बनाओ प्रभु, आज्ञाकारी
पालक हो तुम, रक्षक हो तुम
हो अतिशय बल के (हे)बलधारी !

हाथ जोड़ हम, कर रहे प्रार्थना
दुर्मति पाप हरो तुम
जुटा सकें मतिहीन ना साधन
पराधीन इसलिए हम
पतन हुआ दुर्मतिवश भगवन्
पाप, व्यसन, दु:ख हरो हे अघारी!
हे बल के पुत्र, प्रभु इष्टकारी

करते निशा जैसे तुम प्रकाशित
वैसे तमोगुण हटा दो
व्याप्त रहो मनोभूमि पर ही
कर्तव्यबोध करा दो
हे सर्वात्मन्! हे शिवसूदन!
शुद्ध करो हृदय, हे हृदयहारी !
हे बल के पुत्र, प्रभु इष्टकारी

तुमने जिसकी पुकार सुनी है
हुआ है कल्याण सदा ही
दु:ख विपदा से तारा तुमने
तरणी के बने हो बटोही
कर लो पदार्पण मनोमन्दिर में
करो कल्याण हे कल्याणकारी !
हे बल के पुत्र, प्रभु इष्टकारी
हमको बनाओ प्रभु, आज्ञाकारी
पालक हो तुम, रक्षक हो तुम
हो अतिशय बल के (हे)बलधारी !
हे बल के पुत्र, प्रभु इष्टकारी