भारत वीरों भारत की बिगड़ी को बनाना

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भारत वीरों भारत की बिगड़ी को बनाना

भारत वीरों भारत की बिगड़ी को बनाना
भारत वीरों भारत को ऊंचा तुम उठाना
सम्भलों यह अवसर तुम व्यर्थ ना गवांना।। टेक ।।

देश हमारा हमको प्यारा
सब से उत्तम सब से न्यारा
इसी देश को ज्ञान वेद का
दिया प्रभु ने ऋषियों द्वारा
वेदों की वाणी तुम कभी ना भुलाना।।1।।

जात-पात का ऊंच नीच का
छुआ छूत का भेद मिटा दो।
नहीं है न्यारे एक है सारे
सब को प्रेम का पाठ पढ़ा दो
आपस के झगड़े लड़ाईयां मिटाना।।2।।

तुम्हारे बल पर देशका उज्वल,
आज टिका है भविष्य जवानो
जैसा चाहो वैसा बनाओ
अच्छे बुरे को खुद पहचानों
कर्तव्य तुम्हारे पै हंसे ना जमाना ।।3।।

नर नारी सदाचारी बने सब
आदर्श जीवन सर्व सुखी हो
सबकी भलाई में ही भलाई
समझें फिर ना कोई दुखी हो
आनन्द का प्रेमी गायें सब तराना।।4।।