देश का बच्चा-बच्चा कह रहा मिल कर एक आवाज में
देश का बच्चा-बच्चा कह रहा
मिल कर एक आवाज में
तन-मन-धन अर्पण कर देंगे,
देश धर्म के काज में।। टेक ।।
बलिदानों का समय जवानों,
नहीं हमेश आता है
किसी समय पर ही माता का
कर्ज चुकाया जाता है
गाता है क्या कल परसों,
जो करना करले आज में ।।1।।
बने रहे तुम भोले शंकर
भस्मासुर वर छीन गया
हिन्दी चीनी भाई-भाई का
सम्बन्ध प्राचीन गया
कर तौहीन गया,
माता के ठोकर मारी ताज में।।2।।
लगा हुआ है खून पुराना,
लाल चीन की डाढों में
आज बहा दो उसको
उसके ही पापों की बाढ़ में
पहाड़ों में चलो मूल चुकाने
तिब्बत लेलो ब्याज में ।।3।।
करना होगा जीवन अर्पण
तर्पण रक्त वहीं होगा
कुरूक्षेत्र का अभिनय फिर से,
हिमालय पर ही होगा
प्रेमी माफ नहीं होगा
शिशुपाल कृष्ण के राज में ।।4।।










