शुभ कर्मों में यदि नहीं है ध्यान तेरा

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शुभ कर्मों में यदि नहीं है ध्यान तेरा

शुभ कर्मों में यदि नहीं है ध्यान तेरा
बेकार रहा यह जन्म अरे इन्सान तेरा
तू भी खाना खाये पशु भी खाता है
चलता है तू भी पशु भी जाता आता है
सोता है तू भी पशु भी तो सो जाता है
लज्जा भय मैथुन भी तुझसा ही पाता है
यदि ध्यान नहीं किस गुण से हुआ सम्मान तेरा
बेकार रहा यह जन्म अरे इन्सान तेरा।।1।।

चाम की तुलना पर तुझे मिले इनाम नहीं
क्योंकि पशु के चाम सा तेरा चाम नहीं।
पशुओं के चाम बिन चलें बहुत से काम नहीं
मगर मनुष्य के चाम की उठे छदाम नहीं
फिर बता पशु से ऊंचा क्यों स्थान तेरा
बेकार रहा यह जन्म अरे इन्सान तेरा।।2।।

एक कौड़ी के नहीं मनुष्य यह बाल तेरे
पशुओं की ऊन से बने दुशाले तेरे
हाड़ मांस भी काम के न कंगाल तेरे
पशुओं से भी अधिक है पास और क्या माल तेरे
जिस पर है अभिमान अरे नादान तेरा
बेकार रहा यह जन्म अरे इन्सान तेरा ।।3।।

पशु और तेरे में कोई फर्क नहीं
फिर बतला क्या बेड़ा हुआ तेरा गर्क नहीं
ईश्वर के नियम में चलेगा तर्क वितर्क नहीं
तेरा कर्म कौन जो जाने देगा नर्क नहीं
शोभाराम यदि नहीं धार्मिक गान तेरा
बेकार रहा यह जन्म अरे इन्सान तेरा।।4।।