भारत वीरों की कहानी
भारत वीरों की कहानी
तुम्हें आज है सुनानी
जरा ध्यान से सुनो।। टेक ।।
खेले अंगारों से,
तीरों-तलवारों से सारी उमर
सागर की लहरों से,
अपनों से गैरों से, होके निडर
देश धर्म पर जवानी
हंसकर बानी थी लगानी
जरा ध्यान से सुनो।।1।।
फांसी पै लटके विदेशों में
भटके सड़े जेलों में
अपनी हर हालत देखी जहालत,
पड़े जेलों में करके जान माल की हानि
अनगिन पहुंचे कालापानी
जरा ध्यान से सुनो।।2।।
अनगिन यहां बहनें
हथकड़ियों के गहने बनाकर
रहीं सिंहनी की भांति
भोएं और छाती तानकर
रहीं दुर्गा पद्मा झांसी रानी तारा मैना की
कुरबानी जरा ध्यान से सुनो।।3।।
अनगिन यहां बच्चे भारत के
सच्चे हितैषी बने आई आजादी,
तुम करने बरबादी, विदेशी बने
शोभाराम यह नादानी,
खोकर छोड़ोगे निशानी
जरा ध्यान से सुनो।।4।।










