सावधान ऐ देशवासियो
नहीं लड़ाई बंद हुई।
सावधान ऐ देशवासियो
नहीं लड़ाई बंद हुई।
लड़ाई ज्यों की त्यों है,
केवल मार पिटाई बंद हुई।।
लड़ने को तैयार खड़े हैं
सजग सिपाही सीमा पर
टैंकों और तोपों की लम्बी
लाइन लगाई सीमा पर
लगा हुआ सुदृढ़ मोर्चा
खुद रही खाई सीमा पर
कटु शब्दों में बोलचाल है
छुआ-छाई सीमा पर
गोली गोले बमों की
धू-धू नहीं सुनाई बन्द हुई।।1।।
लड़ाई ज्यों की त्यों है…
रायफलों की नाल उठी
सन्मुख संगीनें तनी हुईं
दिलों के अन्दर खार वही
हालत ज्यों की त्यों बनी हुई
काश्मीर पर पाकिस्तान की
जीभ राल में सनी हुई
छिनाल चटोरी जीभ की
खातिर छुरी हमारी पनी हुई
भारतीय वीरों की जोश में
नहीं अंगड़ाई बंद हुई।।2।।
लड़ाई ज्यों की त्यों है…
लापरवाही मत कर जाना
बहनो भाइयो सावधान
भेद भुला दो हिन्दू मुस्लिम
सिख ईसाइयो सावधान
अब तक गलती खाई
अब मत गलती खाइयो सावधान
जीती बाजी हार न देना
वीर सिपाहियो सावधान
हजारों मील सरहद ऊपर
नहीं तना तनाई बन्द हुई।।3।।
लड़ाई ज्यों की त्यों है….
भारत का हर बच्चा-बच्चा
फौजी वीर लड़ाका हो
शिक्षा चिकित्सा अन्न वस्तर
अस्तर सबका समता का हो
स्वावलम्बी सब बनें कहीं भी
चोरी हो न डाका हो
शान्ति प्रतीक हमारी
विश्व में विजय पताका हो
शोभाराम की जोशीली
अभी नहीं कविताई बन्द हुई।
लड़ाई ज्यों की त्यों है
केवल मार-पिटाई बन्द हुई।।4।।
लड़ाई ज्यों की त्यों है…










