प्रभु से मिलन का यतन कर ले
प्रभु से मिलन का यतन कर ले
आत्मा के साथ शुद्ध मन कर ले
मैला मटियाला चश्मा आंखों से उतार दे
सत्य के साबुन से अंतःकरण को निखार दे
इन्द्रियों पै बुद्धि का शासन कर ले।।।।।
मारा मारा फिर रहा है तू जिसकी तलाश में
वह प्यारा प्रीतम रहे हर दम तेरे पास में
ज्ञान चक्षु खोल कै दर्शन कर ले।।2।।
दूरी नहीं काल की ना दूरी स्थान की
आत्मा परमात्मा में दूरी है अज्ञान की
मल विक्षेप का दलन कर ले।।3।।
प्रेमी प्रकृति को परास्त करने की प्रवृत्ति चार
श्रवण मनन निद्ध्यासन साक्षातकार
वैराग्य षटक सम्पत्ति साधन कर ले।।4।।










