तेरा प्रेम और चिन्तन प्रभुजी अच्छा लगता है
तर्ज: दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है
तेरा प्रेम और चिन्तन प्रभुजी अच्छा लगता है
इक दिन तुमको पा जाऊँगा ऐसा लगता है ॥
संगी साथी जब तक तू प्रभु जीवन है अनमोल
दो दिन का है जीवन फिर भी सच्चा लगता है ॥ इक दिन…
वाणी में दो प्रेम अनूठा हर ले सबका मन
ऐसे बोलों मेंना पैसा धेला लगता है ॥ इक दिन…
वैर और द्वेष ना जागे मन में ना हो जिससे क्लेष
प्रेम अगर हो मन में, पराया अपना लगता है ॥ इक दिन…
त्याग दया उपकार अहिंसा सत्कर्मों का खेल
योगी ऋषि मुनि और सन्तों ने खेला लगता है ॥ इक दिन…
तेरे नियमों का पालन ही मेरा जीवन ध्येय
मुझको राह सुझाने में क्या तेरा लगता है ॥ इक दिन…
शरणागत को शरण में ले लो थामों में मेरी बाँह
तू केवल अपना बाकी सब सपना लगता है ॥ इक दिन…










