उमरिया बीत जाये रे
उमरीया बीत जाये रे-२
जीवन जल की भरी गगरीया-२
बीत जाये रे ।। उमरीया… ।।०।।
अन्तरा – जीवन का जो सुखद सबेरा,
बीत गया वो बचपन तेरा-२
उस सुन्दर सपने की फिकी-२
याद सताए रे…
उमरीया बीत जायेरे…।।१।।
जीवन का दो पहर जवानी,
तेरी मस्ती भरी कहानी,
इस मस्ती में वो मस्ताने-२
क्यों बौराए रे…
उमरीया बीत जायेरे…।।२।।
ढलते ये मद मस्त जवानी,
तेरी होगी खत्म कहानी ।
सांझ समान बुढ़ापा तेरी-२
फिर अल्लाए रे…।।
उमरीया बीत जायेरे…।।३।।
ऋषियों का सन्देश यही है,
संन्तों का उपदेश यही है।
जपले नाम बिमल मन प्रभुका-२,
जो सुख चाहे रे…
उमरीया बीत जाये रे… ।।४।।










