प्रभु के गीत गाने में मजा है
प्रभु के गीत गाने में मजा है,
लगन दिल में लगाने में मजा है ।।
साज दिल के इन तारों को मिलाकर
मधुर नगमें सुनाने में मजा है ।।० ।।
अन्तरा – यदि परिवार रूठे रूठ जाये,
यह संसार छूटे छूट जाये,
मगर वो ईश्वर ना रूठ जाये,
उसे अपना बनाने में मजा है ।।
मधुर नगमें सुनाने…।।१।।
सिकन्दर सा किसी पर हो खजाना
नहीं सर सामने उसके झुकाना
मिले भगवान का कोई दिवाना
उसी को सर झुकाने में मजा है।
प्रभु के गीत गाने में मजा है… ।।२।।
जो स्वाभीमान से जीना न आया,
जान उलफत अगर पीना न आया
फटादिल भी अगर सीना न आया,
जहर बेमोल खाने में मजा है ।।
प्रभु के गीत गाने में मजा है ।।३।।










