तोड़ चलेगा जगसे नाता सदा सदा

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तोड़ चलेगा जगसे नाता सदा सदा

तोड़ चलेगा जगसे नाता सदा सदा
सो जायेगा एक दिन ऐसा आयेगा-४
धन दौलत और रिस्ते नाते सब पल में
छूट जायेगा एक दिन ऐसा आयेगा-४
जिसको तु अपना कहता है,
ये ना तेरे अपने है तू
राही है जीवन पथ का,
ये सब सारे सपने है
टूटेगा जब सपना तेरा,
सब अपना खो जायेगा
एक दिन ऐसा आयेगा-४

जब से जग को अपना समझा,
तब से रब को भूल गया
जन्मों से तू आता रहा,
हर बार गरब में झूल गया
अब भी वक्त है सुनले वन्दे,
बाद में तू पछतायेगा
एक दिन ऐसा आयेगा-४

बचपन तेरा बित गया,
और जाती तेरी जवानी है
ये जीवन तो कल-कल बहता,
इक नदियां का पानी है
हाथ प्रभु का थाम के वरना,
बिच भंवर डूब जायेगा ।।
एक दिन ऐसा…

तर जायेगा लाख चौरासी जिसने प्रभु को
पाया है वड़ भागी है प्रभु संग जिसने,
जीवन सफल बनाया है
प्रभु चरणों में प्रीति कर ले,
अन्त प्रभु में समायेगा
एक दिन ऐसा आयेगा…