भुलाना सकेगें तुझे भूल कर हम
भुलाना सकेगें तुझे भूल कर हम
हरपल तुम्हारा याद आता रहेगा… २
कभी दुःख बनकर कभी सुख बनकर
हरपल तुम्हारा याद जगाता रहेगा ।।
भुलाना सकेगें… ।।०।।
अन्तरा – कभी जी रहे हैं,
कभी मर रहे हैं, हमें न
पता हम, क्या कर रहे हैं।
कभी सो रहे हैं, कभी जग रहे हैं,
कदम रूकते हैं, मगर चल रहे हैं।
हम जपते रहेगें, मिले न मिले तुम-२
हम वेद मन्त्रों से बुलाते रहेगें ।।
भुलाना सकेगें…।।१
सतायेगी जब जब हमे बेकरारी,
हमे याद आयेगी महिमा तुम्हारी हो…
सुनेगें कहीं जब महिमा की बाते,
हमे याद आयेंगी वो दिन वो राते ।
गुजारी जो हमने इस दुनिया में
आकर-२ हम सब तुम्हारा नाम
गाते रहेगें ।। भुलाना सकेगें ।। २ ।।










