यह आर्यों का देश है यहां रहने वाले आर्य।

0
5

यह आर्यों का देश है यहां रहने वाले आर्य।

यह आर्यों का देश है
यहां रहने वाले आर्य।
यह ऋषियों का सन्देश है
यहां रहने वाले आर्य ॥ टेक ॥
त्रिविष्टप तिब्बत प्यारा
जहां रची प्रभु ने सृष्टि ।
खड़ा हिमालय सदियों से
डालो तो उस पर दृष्टि ॥
हिम खण्डों का प्रदेश है
यहां रहने वाले आर्य ॥1॥

संस्कृति सभ्यता हमारी
सच पर टिकी हुई है।
मनुशास्त्र पढ़ो सृष्टि
काल की गणना लिखी हुई है॥
नहीं कुछ शंका का लेश है
यहां रहने वाले आर्य ॥2॥

पश्चिम का साम्राज्य यहां
जब पूरे विश्व में छाया।
आर्य आक्राता बाहर के
दुनिया को भरमाया ॥
यह काल्पनिक उपदेश है
यहां रहने वाले आर्य ॥3॥

स्वतन्त्र भारत में अब तक
भी यही पढ़ाया जा रहा।
पाठ्य-पुस्तकों में आर्यों को
विदेशी बताया जा रहा ॥
सुन, पढ़कर होता क्लेश है
यहां रहने वाले आर्य ॥4॥

पाश्चात विद्वान क्यों
ऐसा बहकाने को कह गये।
आश्चर्य है तिलक से लेखक
उसी बहाव में बह गये॥
ताना कस रहे हम पै मलेक्ष
हैं यहां रहने वाले आर्य ॥5॥

कर्मठ दीप जलाकर क्या
सूरज को छिपा पायेंगे।
मूल निवासी आर्य यहां
के आर्य कहलायेंगे॥
सबका बाहर से प्रवेश है
यहां रहने वाले आर्य ॥6॥