बोल सको तो मीठा बोलो
बोल सको तो मीठा बोलो
कटु बोलना मत सीखो
लगा सको तो बाग लगाओ
आग लगाना मत सीखो
जला सको तो दीप जलाओ
दिल को जलाना मत सीखो
मिटा सको तो अहम् मिटाओ
प्रेम मिटाना मतं सीखो
बिछा सको तो फूल बिछाओ
शूल बिछाना मत सीखो
बता सको तो सुपथ बताओ
पथ भटकाना मत सीखो
भला किसी का कर ना सको
तो बुरा किसी का मत करना
अमृत नहीं पिलाने को तो
जहर पिलाना मत सीखो
वाणी मधुर ना बोल सको
तो कटु वचन भी मत कहना
मरहम पट्टी कर ना सको
तो घाव लगाना मत सीखो
फूल नहीं बन सकते हो
तो काँटे बनकर मत चुभना
दीपक बनकर जल ना सको
तो दीप बुझाना मत सीखो
देव नहीं बन सकते हो तो
कम से कम इन्सान बनो
दीपक बनकर जल ना सको
तो दीप बुझाना मत सीखो










