मैं पत्थर पूजा ना करूँ
मैं पत्थर पूजा ना करूँ,
मेरा ईश्वर पर विश्वास
मैं आर्यों की लाड़ली…. ।।
जेठ-ससुर मेरे देवता,
मेरी देवी है जिठानी सास…
गुरुकुल से पढ़ के आ रही,
मैंने किया है आचार्य पास …
मैं संध्या दोनों समय करूं,
और हवन करूं बारा मास…
मेरे घर में देसी गऊ पले,
दूं दाना पानी घास …
मैं पाखण्डों में ना फसूं,
मैंने पढ़ा ये सत्यार्थ प्रकाश….
मेरे घर में शराबी न घुसे,
न आवे अण्डा, मांस……
खेमचन्द पाखण्ड का,
करता है परदा फाश….










