नारी नव निर्माण करे
नारी नव निर्माण करे,
कर सकती है
दुनियां का उत्थान करे,
कर सकती है।।
सच्ची बन कर महतारी,
जो चाहे कर ले नारी।
बिगड़ी बन जाये सारी,
शक्ति है नारी भारी।
त्राण कर सकती है….।।
ज्योति बन ज्योत जगाये,
तम सारा दूर भगाये
पानी में आग लगाये,
वायु तक रोक दिखाये।
प्राण भर सकती है ….।।
कौशल्या राम बनाया,
और कृष्ण देवकी जाया,
घर भरत कैकयी आया,
नारी की निराली माया।
प्राण धर सकती है …।।
जितने भी दृष्टि आये,
नारी सब गोद खिलाये,
जो देश भी खोज लगाये
तो मान सच्चाई जाये।
ज्ञान भर सकती है ….।।










