भुलाये जा नहीं सकते

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भुलाये जा नहीं सकते

भुलाये जा नहीं सकते,
गिनाये जा नहीं सकते
किये उपकार कितने,
देशहित प्यार कितने ।।

तजे माता-पिता-भ्राता,
छोड़ कर चल दिये नाता
पताका ओ३म् की लेकर,
बने थे वेद के ज्ञाता।
जो सोते नींद गफलत की
किया उन खबरदार हो।।

हमारे देश भारत में,
निरादर पाती थी नारी
पगों की जूती कहते थे,
और ताड़न की अधिकारी।
किया प्रकाश बन कर सूर्य,
दूर हुआ अंधकार हो।।

मिटा कर छूत के ठग को,
दिखाया सत्य पथ जग
को पड़ी लाखों मुसीबत,
पर हटाया था नहीं पग को।
थी दलदल में फंसी नैया,
खींच कर किया पार हो।।

जहां गरजे वहीं बादल फटे,
पाखंड के सारे वेद
अमृत की कर वर्षा,
लगा कर ओ३म् के नारे।
थे पहरेदार वो राघव,
जगाया बार-बार हो।।