गवां नहीं देना गवां नहीं देना (तर्ज- दगा नहीं देना, दगा नही..)
गवां नहीं देना गवां नहीं देना,
ये अनमोल जीवन,
गवां नहीं देना।
जी गवां नहीं देना।
पिछले शुभ कर्मों के फल से,
मानव चोला पाया,
दुनियां की रंगरेलियों
से इसको जाए बचाया,
लुटा नहीं देना, लुटा नहीं देना..।।
मानव का उद्देश्य नहीं है,
केवल खाना-पीना,
मानव का उद्देश्य है जग में,
जगना और जगाना,
इसे भूला नहीं देना,
भूला नहीं देना,
ये अनमोल जीवन,
गवां नहीं देना।।
सुरेन्द्रपाल जीवन ऐसा
अपना सरस बनाले,
दुखिया दीन अनाथों
को अपने गले लगाले,
सता नहीं देना, सता नहीं देना,
ये अनमोल जीवन गवां नहीं
देना जी गवां नहीं देना।










