परमेश्वर का कर गुणगान (तर्ज- रघुपति राघव राजा…)
परमेश्वर का कर गुणगान,
वह ही है रक्षक भगवान् ।
ओ३म्-ओ३म् का जाप किये जा,
गायत्री का पाठ किये जा।
हो जाए तेरा कल्याण।।
वह ही रक्षक…
सत्संग में नित्य आया कर,
जीवन सफल बनाया कर।
माया का मत कर अभिमान।।
वह ही…
सेवा अपना लक्ष्य बना ले,
दीन दुःखी के कष्ट मिटा दे।
पर का तू कर कल्याण।।
वह ही है…
नन्दलाल तू होश में आ,
जीवन अपना सफल बना।
अपना आप करो कल्याण।।
वह ही है…










