जब नाथ का नाम दया निधि है तो
जब नाथ का नाम दया निधि है तो,
दया भी करेंगे कभी न कभी
वही तारन हार कहावत है,
भव पार करेंगे कभी न कभी ।।१।।
हम पापों के करने वाले हैं,
प्रभु पापों के हरने वाले हैं।
जब पांप अधिक बढ़ जाऐंगे,
तब नाश करेंगे कभी न कभी ।। २ ।।
हम याचक बनकर आये हैं,
प्रभु दाता बन मन भाए है।
जब पालनहार कहावत है,
तब पाल ही लेंगे कभी न कभी ।।३।।
जो प्रभु भक्त भक्ति गुण गाते हैं,
मन चाहा फल वे पाते हैं।
जब देव दयालु कृपा निधि हैं,
तब कृपा भी करेंगे कभी न कभी ।।४।।
न मीठा बन कि चटकर जाएं भूखे।
न कडुआ बन कि जो चखे सो थूके ।।










