ओ३म्-ओ३म् बोल,
ओ३म्-ओ३म् बोल।
बोल मेरी रसना,
ओ३म्-ओ३म् बोल।।
ओ३म् नाम बड़ा सुखकारी।
इसको भजते सब नर-नारी।
इसका मीठा-मीठा बोल।।
बोल मेरी………
प्रभु का नाम तो है दुःख भञ्जन।
इसको भजते नाथ निरञ्जन।
ये तो हीरा है अनमोल ।।
बोल मेरी………
प्रभु तो रमा है घट के अन्दर।
फिर क्यों ढूढ़े तीरथ मन्दिर।
अब तो अन्दर के पट खोल ।।
बोल मेरी…….
चंहु दिशि प्रभु का अमृत बरसे।
देखन को फिर क्यों तू तरसे।
ओ३म् नाम का मच रहा शोर ।।
बोल मेरी…….










