ओंकार सर्वेश्वर,निर्विकार हे परमेश्वर।

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ओंकार सर्वेश्वर, निर्विकार हे परमेश्वर।

ओंकार सर्वेश्वर,
निर्विकार हे परमेश्वर।
तेरा नाम जपूँ मैं,
हे पावन ईश्वर ॥
ओंकार हे ईश्वर……..

सब नामों में भगवन,
है तेरा शुभ नाम।
‘प्रभु’ जिसको प्रेम से जपता,
“सचिन” सवेरे शाम।।
ओंकार हे ईश्वर……

सकल जगत के स्वामी,
अनुपम अविनाशी।
‘प्रभु’ अजर, अमर, अभय,
नित्य, घट-घट के वासी ।।
ओंकार हे ईश्वर……

सबसे पवित्र तुम्ही हो,
सबके पालन हार।
‘प्रभु’ तुमनें रचा है दाता,
ये सारा संसार ॥
ओंकार हे ईश्वर……..

सर्वाधार दयालु,
तुम्ही पिता हो मात।
‘प्रभु’ बन्धु सखा तुम्ही हो,
तुम्ही हो सबके भ्रात ॥
ओंकार हे ईश्वर……

कारीगरी तुम्हारी,
अद्भुत ये सृष्टि ।
‘प्रभु’ धूप कहीं पे छाँव,
पल में कहीं वृष्टि ॥
ओंकार हे ईश्वर……..

ऐसा वर दो मुझको,
गान तेरा गाऊँ।
‘प्रभु’ शुभ कर्मों को करके,
प्यार तेरा पाऊँ।।
ओंकार हे ईश्वर……..