महर्षि की जो नसीहत उनसे सुधार होगा
महर्षि की जो नसीहत
उनसे सुधार होगा
हर घर सलोना सुन्दर
सुसंस्कार होगा।
विद्यार्थी विद्या अर्थी गृहस्थी
हो घन के अर्थी और तीसरे
का घर्म सेवा सुधार होगा।।१।।
प्रात सांय बैठक बच्चों को
लेने संग संध्या उपासना का
गर मंत्रोचार होगा।। २।।
बनके रहे गृहस्थी सदाचारी
और संयमी आगे का आश्रम
भी इससे तैयार होगा।। ३।।
अगले चरण में साधन संजोए
साधना के परमात्मा की
भक्ति जीवन का सार होगा।।४।।
समभाव सत्य गामी सम्राट
शान्ति दूत दृष्टि में जिसकी
केवल विश्व प्यार होगा।।५।।
सत्या सत्य का निर्णय दो
आश्रम करेंगे यथोचित उन्हें
सुरेन्द्र देना सत्कार होगा।।६।।










