जीना भी अब तो ऐसा दुश्वार हो गया।
जीना भी अब तो
ऐसा दुश्वार हो गया।
पैदा होते ही आदमी
बिमार हो गया।।
बिषदान कर रही है
मीलो की चिमनियां।
प्रदूषण का कितना
विस्तार हो गया।।१।।
तरसेगें बुंद बूद को
पानी के बिना सभी।
जंगल का मंगल कट
करके उजार हो गया ।।२।।
नदियों का साफ जल
भी किचड़ बना दिया।
नगरों का सारा मल इनमें
शुम्मार हो गया।। ३।।
चेहरा हो लाल कैसे
सुरेन्द्र तेरा प्यारे हर
चीज में मिलावट का
व्यापार हो गया।।४।।
सण्डे हो चाहे मण्डे
बस अण्डे ही अण्डे
टी.वी. पे इसका
कितना प्रचार हो गया।।५।।
सदाचार से ही डरते
एडस् के जीवाणू बरना
तो जग के मिटने का
आसार हो गया।।६।।










