राजे दिल हमने सुनाया तो बुरा मान गये।
राजे दिल हमने सुनाया
तो बुरा मान गये।
दिलों जाँ से भला चाहा
तो बुरा मान गये।।
पी के ह्निस्की भी कहो
जीना क्या सही जीना है।
पीना अच्छा नहीं है
खून यह गरीबों का।।
पड़े फुटपाथों पर खूने
जिगर पी रहे जो।
जरा देखों तो हाल
फूटे हुए नसीबों का।।
दुखी छाती से लगाया
तो बुरा मान गयं दिलों
जाँ से भला चाहा
तो बुरा मान गये।।1।।
डांस क्लबों में करते
खाते मीट केक अण्डे।
मारते जीवों को कभी
मन को भी मारा होता ।।
मौत के मुंह में तो जाना
है जरूर ही एक दिन।
हस्र क्या होगा कभी
यह तो विचारा होता।।
धर्म का पाठ पढ़ाया
तो बुरा मान गये।।
दिलों जाँ से भला चाहा
तो बुरा मान गये।।2।।
माफी मगवान से माँगों
तो कमा लो नेकी।
जिन्दगी क्या है गोया
महमानी येपल भर की ।
‘प्रेमी’ मालिक ने तुमको
कर दिया हुस्ने दौलत ।
नफ्स को मारा नहीं भूल
यह तुमने मगर की।।
रास्ता उलफत का
बताया तो बुरा मान गये।।
दिलो जाँ से भला चाहा
तो बुरा मान गये।।3।।










