मुझे जब याद शहीदों की कहानी आये
मुझे जब याद शहीदों
की कहानी आये,
धड़क जाता है दिल
आँखों में पानी आये।
वह मस्ती कैसी थी
जिसमे वह मस्ताने झूमे,
फन्दे फांसी के जो
गागा के तराने चूमे।
लेती अंगडाईयां वह
मंस्त जवानी आये।।1।।
किया तन मन व धन जीवन
वतन अपने पै अर्पित,
देश भक्ति तपस्या त्याग
न की कभी प्रदर्शित।
लगाकर होड़ एक से
एक बलिदानी आये ।।2।।
उबलते तेल में फूंके गर्म करके सलाखे,
नोच डाला बदन निर्दयिता से फोड़ी गई
आंखें। मिटा डाले बेदर्दी से
जो सैनानी आये ।।3।।
न प्रेमी आज तुमको गाना गा करके रिझाता,
हे केवल एक यह उद्देश्य जिस कारण मैं गाता।
कि सोई धमनियों में जोशे रवानी आये।।4।।










