हमने कहा और तुमने सुना बस खत्म कहानी हो गई
हमने कहा और तुमने सुना
बस खत्म कहानी हो गई,
करना कराना कुछ भी
नहीं यूं देश की हानि हो गई,
हमें कहने की आदत है
और तुम्हें सुनने का चस्का,
लगा हुआ यह रोग भयंकर
नहीं किसी के बसका,
नस-नस का गया निकल
जोश बेकार जवानी हो गई ।1।
जलसे और जलूस आज
सब बने हुये हैं तमाशा,
इसीलिये तो आज हर
जगह छाई हुई निराशा,
पाशा बदला आशाओं
का बिप्त उठानी हो गई।।2।
सुनना सुनाना बहुत हो चुका
अब तो कुछ सीखो करना,
यदि जिन्दगी की इच्छा है
प्रथम तुम सीखो मरना,
डरना काम कायरों का है
श्रीकृष्ण की बानी हो गई।।3।
कर्महीन इन्सान जगत
गत में भरते सदा तबाई,
कायर कमजोरों के लिये
यह दुनियाँ नही बनाई,
आई याद यह शोभाराम
की तर्ज बयानी होगई।।4।।










