प्रभु नाम सुमर सुख धाम
प्रभु नाम सुमर सुख धाम
जगत में जीवन दो दिन का जगत में….
१. पाप कपट कर माया जोड़ी,
लोभ करै धन का।
सभी छोड़कर चला मुसाफिर,
बास हुआ तन क…
२. सुन्दर काया देख लुभावत
लाडकरे तन का।
निकला श्वास बिखर गई
देह यूँ माला मन का…..
३. यौवन नारी लगे पियारी,
मौज करे मन का।
कालबलि का लगे तमाचा,
भूल गया उनका ……
४. ये संसार स्वप्न की माया,
मेला पल-क्षण का।
‘ब्रह्मानन्द’ भजन कर प्यारे
सत् चित् आनन्द का










