जब तेरा निर्मल मन होगा

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जब तेरा निर्मल मन होगा

जब तेरा निर्मल मन होगा
तब ही प्रभु का तुझे दर्शन होगा

जब तेरा निर्मल मन होगा
तब ही प्रभु का तुझे दर्शन होगा
प्यारे प्रभु से मिलन तब होगा
जब तेरा निर्मल मन होगा
तब ही प्रभु का तुझे दर्शन होगा
प्यारे प्रभु से मिलन तब होगा
जब तेरा निर्मल मन होगा
तब ही प्रभु का तुझे दर्शन होगा

श्रद्धा और भक्ति से
जब प्रभु के गुण गायेगा
सुन्दर विचारों से
मन को सजायेगा
तब तेरा पावन मन होगा
तब ही प्रभु का तुझे दर्शन होगा
जब तेरा निर्मल मन होगा
तब ही प्रभु का तुझे दर्शन होगा

राग और द्वेष, जब तुझे ना सतायेंगे
लोभ और मोह, नजदीक नहीं आएंगे
तब सुन्दर तेरा जीवन होगा
तब ही प्रभु का तुझे दर्शन होगा
जब तेरा निर्मल मन होगा
तब ही प्रभु का तुझे दर्शन होगा

मन के अँगना को
नित उठ के बुहारा कर
प्रेम और दया के इसमें
फूल तू सजाया कर
जब तन मन, तेरा अर्पण होगा
तब ही प्रभु का, तुझे दर्शन होगा
प्यारे प्रभु से, मिलन तब होगा
जब तेरा, निर्मल मन होगा
तब ही प्रभु का, तुझे दर्शन होगा

प्रभु हैं “सरोज”, सारे सुखों का खजाना
थोड़े दु:ख दर्द में, बहक नहीं जाना
प्रभु के भजन में, मगन मन होगा
तब ही प्रभु का, तुझे दर्शन होगा
प्यारे प्रभु से, मिलन तब होगा
जब तेरा, निर्मल मन होगा
तब ही प्रभु का, तुझे दर्शन होगा
तब ही प्रभु का, तुझे दर्शन होगा
तब ही प्रभु का, तुझे दर्शन होगा
तब ही प्रभु का, तुझे दर्शन होगा